एक साधारण से दिखने वाले रिमोट ने हरि दादा की दुनिया बदल दी जब उसने समय को रोकने की शक्ति दिखाई। लेकिन जब गाँव का एक लालची आदमी इसे चुरा लेता है, तो उसे एक ऐसा सबक मिलता है जिसे वह कभी नहीं भूलेगा। यह कहानी जादुई रोमांच और ईमानदारी की जीत का एक सुंदर संगम है।
हरि दादा गाँव की धूल भरी पगडंडी पर टहल रहे थे, तभी उनकी नज़र झाड़ियों के पास पड़े एक पुराने और चमकते हुए रिमोट पर पड़ी। उन्होंने उसे उत्सुकता से उठा लिया और सोचने लगे कि यह अनोखी चीज़ यहाँ कहाँ से आई होगी।
हैरानी में आकर उन्होंने रिमोट का बड़ा लाल बटन दबा दिया और तभी एक चमत्कार हुआ। अचानक पूरा गाँव एक पल में ठहर गया—हवा में उड़ता पक्षी रुक गया और कुएँ से पानी भरती महिला पत्थर की मूर्ति जैसी बन गई।
हरि दादा हैरानी से गाँव के बीच से गुजरे जहाँ सब कुछ थम चुका था। लोहार का हथौड़ा हवा में लटका था और गलियों में दौड़ते बच्चे अपनी जगह पर ऐसे जम गए थे जैसे कोई तस्वीर हो।
थोड़ा घबराकर हरि दादा ने जल्दी से रिमोट का हरा बटन दबाया। देखते ही देखते गाँव फिर से ज़िंदा हो उठा और चारों ओर लोगों की आवाज़ें और काम का शोर फिर से गूँजने लगा।
हरि दादा ने गाँव के चौक पर सबको इस जादुई रिमोट के बारे में बताया, लेकिन किसी ने उनकी बात पर यकीन नहीं किया। सबने इसे एक बूढ़े आदमी की कल्पना समझकर हँसी में उड़ा दिया।
गाँव का एक लालची आदमी चुन्नीलाल पेड़ के पीछे छिपकर सब देख रहा था। उसने सोचा कि अगर वह इस रिमोट को चुरा ले, तो वह पूरे गाँव को रोककर सारा खज़ाना और कीमती चीज़ें आसानी से ले सकेगा।
उस रात जब हरि दादा गहरी नींद में सो रहे थे, चुन्नीलाल चुपके से उनके घर की खिड़की से अंदर घुसा। उसने मेज़ पर रखा वह जादुई रिमोट धीरे से उठाया और अंधेरे में गायब हो गया।
लेकिन अचानक रिमोट से ज़ोरदार चिंगारियाँ निकलीं और उसमें से काला धुआँ उठने लगा। रिमोट एक बेकार प्लास्टिक का टुकड़ा बन गया और मंदिर के पास दिखने वाला खज़ाना भी अचानक गायब हो गया।
अगली सुबह हरि दादा ने उदास चुन्नीलाल को देखा और धीमे से मुस्कुराते हुए बोले कि जादू लालच के लिए नहीं बल्कि भलाई के लिए होता है। चुन्नीलाल ने शर्मिंदगी से अपना सिर झुका लिया और उसे अपनी गलती का अहसास हुआ।
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दादाजी को रास्ते में [संगीत] एक पुराना रिमोट मिला। जैसे ही उन्होंने उसका रेड बटन दबाया, पूरा गांव अचानक रुक गया। दादाजी हैरान रह गए। लोग चलना, बोलना और काम करना बंद कर चुके थे। सिर्फ दादाजी ही हिल सकते थे। दादाजी ने ग्रीन बटन दबाया, तो सब कुछ फिर से नॉर्मल हो गया। गांव वाले उनकी बात पर यकीन नहीं कर रहे थे। एक लालची आदमी ने रिमोट चुरा लिया और सोचा कि वो सबको रोक कर गांव का खजाना ले जाएगा। जैसे ही उसने रिमोट [संगीत] का बटन दबाया रिमोट से चिंगारी निकली और वो आम रिमोट बन गया। खजाना भी गायब हो गया। दादाजी [संगीत] मुस्कुरा कर बोले जादू लालाच के लिए नहीं भलाई के लिए होता