Grandpa and the Red Bull Curse - Fantastik hikayeler

Grandpa and the Red Bull Curse

Hikaye Açıklaması

When a lonely grandfather discovers that everything he touches turns into a can of Red Bull, he is cast out by his fearful village. Witness an extraordinary journey of resilience and entrepreneurship as a bizarre curse transforms into a roaring business empire. A quirky, modern-day Midas tale filled with humor, determination, and a clever digital-age twist.

Puanlar:Yeterli puan yok
Dil:İngilizce
Yayın Tarihi:
Okuma Süresi:1 dakika

Anahtar Kelimeler

Oluşturma İstemi

Script 1 : दादा जो भी छूते हैं, वह रेड बुल बन जाता है। दादा ने एक पुराना पत्थर छुआ, वह नया रेड बुल बन गया। दादा ने पेड़ की सूखी टहनी पकड़ी, वह भी रेड बुल बन गई। घर के अंदर आकर कुर्सी छुई, वह रेड बुल बन गई। सिलाई मशीन छुई, वह भी रेड बुल बन गई। पानी की टंकी पकड़ी, वह भी विशाल रेड बुल में बदल गई। पूरा मोहल्ला रेड बुल से भर गया। लोग गुस्से [संगीत] में चिल्लाए, यह बुड्ढा, हमारा जीना मुश्किल कर देगा। बेटे बहू ने घर के बाहर ताला लगा दिया। पोते-पोतियां डर कर दूर भाग गए। गांव के मुखिया ने फरमान [संगीत] सुना दिया। यह आदमी अब इस गांव में नहीं रहेगा। सब ने मिलकर दादा को गांव से बाहर छोड़ दिया। दादा फटे कपड़ों में अकेले चलते रहे। आंखों में आंसू लिए [संगीत] एक पुराने बस स्टैंड पर बैठ गए। बैठकर रोए और सोचने लगे। तभी अचानक उनके दिमाग में एक जबरदस्त आईडिया आया। उन्होंने जमीन से कंकड़ उठाया, कंकड़ छुआ, वह रेड बुल बन गया। टूटा डिब्बा छुआ, वह भी रेड बुल बन गया। लोहे का कबाड़ छुआ, महंगा रेड बुल बन गया। कुछ ही देर में हजारों रेड बुल का ढेर लग गया। दादा उन रेड बुल को लेकर शहर पहुंचे। जोर से बोले सिर्फ ₹10 में नया रेड बुल ले जाओ। पहले दिन 50,000 रेड बुल [संगीत] बिके। दूसरे दिन 1 लाख रेड बुल बिके। एक हफ्ते में दादा के पास नोटों के बंडल जमा हो गए। दादा ने शहर का सबसे बड़ा रेड बुल शोरूम खोल लिया। महीने के अंत तक दादा शहर के सबसे बड़े अमीर आदमी बन गए। लेकिन अभी भी दादा की शानदार रेड बुल वाली वीडियो पर किसी ने लाइक और सब्सक्राइब नहीं

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