Grandpa Dada's Flying Bed - おやすみストーリー

Grandpa Dada's Flying Bed

ストーリー紹介

Embark on a magical night-time journey with Grandpa Dada and his faithful, creaky old woven bed. When a stubborn piece of furniture takes flight into a world of cotton-candy clouds and silver rivers, a gentle soul learns that a lifetime of wishing well for others brings the most beautiful rewards. A heartwarming fantasy tale about selflessness, generational love, and the quiet magic of a generous heart.

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言語:英語
公開日:
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キーワード

Generation Prompt

उस रात दादा हमेशा की तरह अपनी [संगीत] पुरानी चारपाई पर लेटे। चारपाई इतनी पुरानी थी कि उसकी रस्सियां भी ढीली पड़ गई थी। बेटे ने कई बार कहा था पिताजी यह चारपाई फेंक दो। [संगीत] लेकिन दादा को उससे बेहद लगाव था। दादा लेटे ही थे कि अचानक चारपाई हिलने लगी। पहले धीरे-धीरे [संगीत] फिर तेज। फिर देखते ही देखते वह पुरानी चारपाई जमीन से ऊपर उठ गई। दादा घबराए नहीं। बस [संगीत] आंखें बंद कर ली। चारपाई छत को पार करके सीधे आसमान में चली गई। दादा ने आंखें खोली तो नीचे पूरा गांव टिमटिमाते [संगीत] दियों जैसा दिख रहा था। ऊपर तारे इतने करीब थे कि दादा का हाथ बढ़ाते ही [संगीत] एक तारा उनकी मुट्ठी में आ गया। तभी चारपाई एक अजीब रोशनी की तरफ मुड़ी और दादा एक ऐसी दुनिया में पहुंच गए जहां बादल रुई जैसे नरम [संगीत] थे। पेड़ों पर फूलों की जगह रंगीन रोशनियां थी। नदियां चांदी जैसी चमकती थी। वहां एक बुजुर्ग [संगीत] देवदूत बैठे थे। उन्होंने दादा को देखकर कहा, तुम्हारी चारपाई ने तुम्हें यहां इसलिए लाया क्योंकि तुम्हारे सपने हमेशा दूसरों के [संगीत] लिए होते हैं। देवदूत ने दादा को एक चमकती हुई पोटली दी। दादा ने पूछा इसमें क्या है? देवदूत बोले [संगीत] जो तुमने कभी मांगा नहीं लेकिन जिसके तुम हकदार हो। चारपाई [संगीत] वापस मुड़ी। दादा आंखें बंद करके लेट गए। सुबह जब दादा उठे तो चारपाई के नीचे वह [संगीत] चमकती पोटली रखी थी। दादा मुस्कुराए। उन्होंने पोटली उठाई और चुपचाप गांव के [संगीत] सबसे गरीब घर की तरफ चल दिए। लेकिन दादा अभी भी थोड़े उदास हैं क्योंकि अभी तक किसी ने उनके लिए लाइक [संगीत] और सब्सक्राइब नहीं

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